
दुर्ग। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देशन में चल रहे Operation Suraksha के तहत ट्रैफिक पुलिस दुर्ग द्वारा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लगाए जा रहे लर्निंग एवं ड्राइविंग लाइसेंस शिविरों को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा है। 24 नवंबर से 12 दिसंबर 2025 तक आयोजित इन विशेष शिविरों ने जनता तक आसान, पारदर्शी एवं दलाल-मुक्त सेवाएँ पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
गुरुवार, 27 नवंबर 2025 को बोरी, पुलगांव और जमगाँव में लगाए गए शिविरों में दिनभर भारी भीड़ उमड़ी। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार—
- 451 ड्राइविंग लाइसेंस मौके पर जारी किए गए
- 1000 से अधिक नए आवेदन प्राप्त हुए
- ग्रामीण क्षेत्रों से ट्रैक्टर चालकों का भी बड़ा प्रतिसाद मिला
- नागरिकों ने HSRP नंबर प्लेट के लिए भी उत्साहपूर्वक आवेदन किए
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि शिविरों में उमड़ी भीड़ इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लाइसेंस एवं वाहन दस्तावेजों को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। पहले जहाँ नागरिक दलालों/बीचौलियों पर निर्भर रहते थे, अब वे सीधे पुलिस द्वारा संचालित शिविरों में पहुँचकर आवश्यक सेवाएँ ले रहे हैं।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि कई ग्रामीणों के लिए शहर जाकर लाइसेंस बनवाना या दस्तावेज नवीनीकृत कराना कठिन होता है, इसलिए सेवाओं को अब लोगों के घर-नज़दीक पहुँचाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से शिविरों को गाँव–गाँव तक विस्तारित किया गया है।
शिविरों में आने वाले नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियम, वाहन दस्तावेजों का महत्व, ‘नो-एंट्री’ नियम, समय-आधारित ट्रैफिक प्रतिबंध तथा सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार के बारे में भी जागरूक किया गया।
ट्रैफिक पुलिस दुर्ग की अपील
- सभी नागरिक अनिवार्य रूप से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएँ।
- दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें।
- ओवरस्पीडिंग व ओवरलोडिंग से बचें।
- वाहन दस्तावेज समय पर नवीनीकृत कराएँ।
- स्वयं नियमों का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि सुरक्षित सड़क और अनुशासित यातायात सभी की साझा जिम्मेदारी है, और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती जागरूकता इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।














